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लंबे समय तक काम लिया, तो पद स्थायी माना जाएगा: कर्मचारियों के हक में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला - Supreme Court

By MUKESH AGRAWAL AGRAWAL • 2026-04-01 11:37 • 3 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
लंबे समय तक काम लिया, तो पद स्थायी माना जाएगा: कर्मचारियों के हक में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला - Supreme Court
हाल ही में उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने श्रमिक अधिकारों और रोजगार की सुरक्षा को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी से एक ही पद पर लंबे समय तक निरंतर काम लिया जाता है, तो उस पद को केवल 'अस्थायी' या 'तदर्थ' (Ad-hoc) मानकर कर्मचारी को उसके लाभों से वंचित नहीं किया जा सकता। ​यह फैसला उन हजारों कर्मचारियों के लिए आशा की किरण लेकर आया है जो वर्षों से सरकारी या निजी संस्थानों में 'कांट्रैक्ट' या 'डेली वेजर' के रूप में काम कर रहे हैं। ​फैसले के मुख्य बिंदु ​सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में नियोक्ता (Employer) की उन नीतियों की आलोचना की, जो काम की प्रकृति स्थायी होने के बावजूद कर्मचारियों को अस्थायी बनाए रखती हैं। फैसले के प्रमुख अंश निम्नलिखित हैं: ​काम की प्रकृति सर्वोपरि: यदि काम का स्वरूप स्थायी है और वह संस्थान की नियमित गतिविधियों का हिस्सा है, तो कर्मचारी को अनिश्चित काल तक अस्थायी नहीं रखा जा सकता। ​अनुचित श्रम व्यवहार पर रोक: कोर्ट ने कहा कि केवल बजट बचाने या उत्तरदायित्व से बचने के लिए कर्मचारियों को 'परमानेंट' न करना एक प्रकार का शोषक व्यवहार है। ​समान कार्य, समान गरिमा: लंबे समय तक सेवा देने वाले कर्मचारी सेवा के लाभों, पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा कवर के हकदार हैं। कोर्ट की सख्त टिप्पणी ​न्यायाधीशों की पीठ ने स्पष्ट रूप से कहा: ​"प्रशासन किसी पद को दशकों तक 'अस्थायी' नहीं कह सकता यदि उस पर काम लगातार जारी है। यह कर्मचारी के मौलिक अधिकारों का हनन है और उसे उचित पारिश्रमिक व स्थिरता से वंचित करना न्यायसंगत नहीं है।" ​निष्कर्ष ​यह 'सुप्रीम' फैसला न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को सुधारेगा, बल्कि उन्हें मानसिक सुरक्षा और सामाजिक सम्मान भी प्रदान करेगा। यह नियोक्ताओं के लिए एक कड़ा संदेश है कि वे 'जरूरत पड़ने पर उपयोग करो और फिर हटा दो' की संस्कृति को अब और बढ़ावा नहीं दे सकते। यदि पद की आवश्यकता स्थायी है, तो वहां काम करने वाले का हक भी स्थायी है।