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Namo Bharat: पंचकूला, कुरुक्षेत्र तक दौड़ेगी नमो भारत ट्रेन! चंडीगढ़ भी दूर नहीं, दिल्ली-पानीपत-करनाल रैपिड रेल रूट के लिए नया प्लान|

By MUKESH AGRAWAL AGRAWAL • 2026-04-02 18:05 • 3 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
Namo Bharat: पंचकूला, कुरुक्षेत्र तक दौड़ेगी नमो भारत ट्रेन! चंडीगढ़ भी दूर नहीं, दिल्ली-पानीपत-करनाल रैपिड रेल रूट के लिए नया प्लान|
हरियाणा सरकार ने नमो भारत (RRTS) ट्रेन के विस्तार को लेकर एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। अब दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर को केवल करनाल तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे कुरुक्षेत्र और पंचकूला तक बढ़ाने की योजना तैयार की गई है। यह कदम हरियाणा के ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है। ​इस नई योजना के मुख्य बिंदु यहाँ दिए गए हैं: ​1. दिल्ली-पानीपत-करनाल रूट का विस्तार ​वर्तमान योजना: पहले यह कॉरिडोर दिल्ली (सराय काले खां) से शुरू होकर पानीपत के रास्ते करनाल तक जाना था। इसकी कुल लंबाई लगभग 136 किलोमीटर तय की गई थी। ​नया प्लान: हरियाणा कैबिनेट ने अब इस कॉरिडोर को करनाल से आगे कुरुक्षेत्र और साहा (अंबाला) होते हुए पंचकूला तक ले जाने का प्रस्ताव रखा है। ​चंडीगढ़ कनेक्टिविटी: पंचकूला तक पहुँचने का सीधा मतलब है कि चंडीगढ़ और ट्राईसिटी (Panchkula-Chandigarh-Mohali) अब दिल्ली से हाई-स्पीड रेल के जरिए सीधे जुड़ जाएंगे। ​2. लागत और स्टेशन ​कुल बजट: इस पूरे कॉरिडोर (दिल्ली-करनाल) की अनुमानित लागत लगभग 33,051 करोड़ रुपये है। ​हरियाणा का हिस्सा: इसमें हरियाणा सरकार लगभग 7,472 करोड़ रुपये का योगदान देगी। ​स्टेशनों की संख्या: शुरुआती योजना के अनुसार हरियाणा में 11 स्टेशन प्रस्तावित हैं, लेकिन पंचकूला तक विस्तार होने पर इन स्टेशनों की संख्या बढ़ जाएगी। ​3. यात्रा में कितनी बचत होगी? ​नमो भारत ट्रेन की रफ्तार 160-180 किमी/घंटा है। इसके शुरू होने के बाद: ​दिल्ली से करनाल: सफर महज 1 घंटे के आसपास सिमट जाएगा। ​दिल्ली से चंडीगढ़/पंचकूला: वर्तमान में शताब्दी या बस से लगने वाले 4-5 घंटों के मुकाबले अब यह दूरी 2 से 2.5 घंटे में तय की जा सकेगी। ​4. आर्थिक और क्षेत्रीय विकास ​लॉजिस्टिक और व्यापार: कुरुक्षेत्र (पर्यटन हब), करनाल (कृषि हब) और पंचकूला (प्रशासनिक हब) के जुड़ने से व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। ​प्रदूषण में कमी: सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर और जीटी रोड पर प्रदूषण कम होगा। ​ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD): स्टेशनों के आसपास ऊँची इमारतें, मॉल और व्यावसायिक केंद्र विकसित किए जाएंगे। ​अगला कदम क्या है? ​हरियाणा कैबिनेट ने इस विस्तार योजना को मंजूरी दे दी है। अब इसे भारत सरकार (आवास और शहरी कार्य मंत्रालय) और NC RTC के पास अंतिम मंजूरी और सर्वे के लिए भेजा जाएगा। ​महत्वपूर्ण जानकारी: दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के सफल संचालन के बाद, यह उत्तर भारत का सबसे महत्वपूर्ण रैपिड रेल रूट बनने जा रहा है, जो हरियाणा के दिल से होकर गुजरेगा।