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साइबर शिकायतों के आधार पर लगाए गए बैंक खाते के होल्ड को हटाने की मांग को लेकर NCIB पदाधिकारी ने HDFC बैंक को सौंपा प्रतिनिधित्व

By VINAY KUMAR CHANDRA • 2026-06-07 14:59 • 3 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
साइबर शिकायतों के आधार पर लगाए गए बैंक खाते के होल्ड को हटाने की मांग को लेकर NCIB पदाधिकारी ने HDFC बैंक को सौंपा प्रतिनिधित्व

जमशेदपुर/बेंगलुरु | 7 जून 2026: नेशनल क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (NCIB) के क्राइम इंफॉर्मेशन ऑफिसर (C.I.O.) एवं सामाजिक कार्यकर्ता विनय कुमार चंद्र ने अपने बैंक खाते पर लगाए गए डेबिट होल्ड (Debit Hold) एवं लियन (Lien) को हटाने के संबंध में HDFC बैंक के नोडल अधिकारी और शिकायत निवारण प्रकोष्ठ को एक प्रतिनिधित्व सौंपा है।

प्रतिनिधित्व में उन्होंने भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का उल्लेख करते हुए मामले की समीक्षा किए जाने का अनुरोध किया है। उन्होंने बैंक से अनुरोध किया है कि मामले को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित शिकायत निवारण तंत्र में दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

विनय कुमार चंद्र के अनुसार, उनके बैंक खाते पर साइबर अपराध संबंधी तीन शिकायतों के आधार पर कुछ राशि पर रोक लगाई गई है। उन्होंने अपने प्रतिनिधित्व में कहा है कि संबंधित धनराशि वैध लेन-देन के माध्यम से प्राप्त हुई है और आवश्यकता पड़ने पर वे संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं।

प्रतिनिधित्व में यह भी उल्लेख किया गया है कि मामले की समीक्षा निर्धारित प्रक्रिया और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर की जानी चाहिए। उन्होंने अनुरोध किया है कि यदि जांच और सत्यापन के बाद संबंधित राशि वैध पाई जाती है, तो खाते पर लगाए गए प्रतिबंधों पर पुनर्विचार किया जाए।

विनय कुमार चंद्र ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है, साथ ही जांच प्रक्रिया के दौरान खाताधारकों के अधिकारों और वैध वित्तीय गतिविधियों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

उन्होंने वित्तीय संस्थानों और संबंधित एजेंसियों से पारदर्शी एवं नियमसम्मत प्रक्रिया अपनाने का आग्रह किया है ताकि सुरक्षा उपायों और नागरिक अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।

इस संबंध में HDFC बैंक की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी।

यह जानकारी NCIB द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।