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जब पहाड़ों ने रातभर तूफ़ान की गर्जना सुनी: मसूरी की एक बेचैन रात

By RAJAT AIKANT SHARMA SHARMA • 2026-05-30 11:11 • 3 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
जब पहाड़ों ने रातभर तूफ़ान की गर्जना सुनी: मसूरी की एक बेचैन रात

28 मई 2026 की रात मसूरी ने तेज़ आंधी और तूफ़ान का सामना किया। शाम के बाद शुरू हुई तेज़ हवाएँ रात गहराने के साथ और अधिक प्रबल हो गईं, जिससे शहर के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ।

सुबह होने पर मसूरी के विभिन्न क्षेत्रों में नुकसान के निशान दिखाई दिए। इंद्रमणि बडोनी चौक, कैमेल्स बैक रोड, चामासारी, लैंडौर तथा आसपास के इलाकों में कई पेड़ गिर गए, कुछ टिन की छतें क्षतिग्रस्त हुईं, बिजली के तार और खंभों को नुकसान पहुँचा तथा कुछ वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना मिली। सड़कों पर गिरी शाखाओं और अन्य मलबे को हटाने का कार्य स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा शुरू किया गया।

राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी बड़े मानवीय नुकसान की सूचना नहीं मिली। हालांकि तेज़ हवाओं और तूफ़ान के कारण कई स्थानों पर अस्थायी रूप से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई, जिसे बहाल करने के प्रयास तुरंत शुरू कर दिए गए।

स्थानीय निवासियों के अनुसार इस प्रकार का मौसम लंबे समय बाद देखने को मिला। कुछ वरिष्ठ नागरिकों ने बताया कि इस घटना ने उन्हें अतीत में आए कुछ बड़े तूफ़ानों की याद दिलाई। हालांकि वर्तमान घटना की तीव्रता और प्रभाव का आधिकारिक आकलन संबंधित विभागों द्वारा किया जा रहा है।

तूफ़ान के बाद नगर प्रशासन, विद्युत विभाग और अन्य एजेंसियाँ क्षति का आकलन करने तथा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं को सामान्य करने में जुटी हुई हैं। गिरे हुए पेड़ों को हटाने, यातायात बहाल करने और विद्युत व्यवस्था को सामान्य बनाने का कार्य जारी है।

मसूरी जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का अचानक बदलना सामान्य माना जाता है, लेकिन इस प्रकार की घटनाएँ प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने और आवश्यक सुरक्षा उपायों को अपनाने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती हैं।

फिलहाल शहर सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है और प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बहाली कार्यों की निगरानी कर रहा है।