कानपुर मेट्रो विस्तार की प्रस्तावित रूपरेखा: उन्नाव से नमक फैक्ट्री चौराहा तक नए रूट का प्रस्ताव
कानपुर में मेट्रो नेटवर्क के संभावित विस्तार को लेकर एक नई रूपरेखा सामने आई है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) द्वारा हाल ही में लखनऊ में आयोजित एक प्रस्तुति के दौरान कानपुर मेट्रो के भविष्य के विस्तार से संबंधित प्रस्तावित कॉरिडोरों की जानकारी साझा की गई।
वर्तमान में कॉरिडोर-1 के तहत आईआईटी से नौबस्ता तक और कॉरिडोर-2 के तहत सीएसए से बर्रा तक मेट्रो परियोजनाओं पर कार्य जारी है। इसी बीच प्रस्तुत की गई नई योजना में शहर के विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने के लिए अतिरिक्त मेट्रो कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं।
उन्नाव को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने का प्रस्ताव
प्रस्तावित योजना के अनुसार, एक नया मेट्रो कॉरिडोर उन्नाव से गुमटी नंबर-5 होते हुए नमक फैक्ट्री चौराहा तक विकसित किया जा सकता है। यह प्रस्तावित रूट कानपुर और उन्नाव के बीच सार्वजनिक परिवहन संपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
सात नए प्रस्तावित कॉरिडोर
प्रस्तुति में कुल सात संभावित मेट्रो कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं, जिनकी कुल लंबाई लगभग 83.658 किलोमीटर बताई गई है। इनमें लगभग 59.648 किलोमीटर एलीवेटेड तथा 24.01 किलोमीटर भूमिगत मार्ग शामिल होने का प्रस्ताव है।
प्रस्तावित कॉरिडोर
- उन्नाव – गुमटी नंबर-5 – नमक फैक्ट्री चौराहा: 35.81 किमी (26.4 किमी एलीवेटेड, 9.41 किमी भूमिगत)
- नौबस्ता – चकेरी: 14.6 किमी (प्रस्तावित भूमिगत कॉरिडोर)
- नौबस्ता – बर्रा-8 (लूप लाइन): 8.078 किमी (प्रस्तावित एलीवेटेड कॉरिडोर)
- ख्योरा कटरी – ट्रांस गंगा ब्रांच लाइन: 9 किमी (प्रस्तावित एलीवेटेड कॉरिडोर)
- नौबस्ता – रमईपुर: 5.78 किमी (प्रस्तावित एलीवेटेड कॉरिडोर)
- नमक फैक्ट्री – पनकी एक्सटेंशन: 6 किमी (प्रस्तावित एलीवेटेड कॉरिडोर)
- कृषि विश्वविद्यालय – ख्योरा कटरी: 4.39 किमी (प्रस्तावित एलीवेटेड कॉरिडोर)
बर्रा-8 से नौबस्ता कॉरिडोर
जानकारी के अनुसार, बर्रा-8 से नौबस्ता तक प्रस्तावित कॉरिडोर के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) पूर्व में तैयार किया जा चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस परियोजना को राज्य सरकार की सैद्धांतिक सहमति प्राप्त हुई है। हालांकि, अंतिम स्वीकृतियों और आगे की प्रक्रियाओं के बाद ही परियोजना के क्रियान्वयन पर निर्णय लिया जाएगा।
सर्वे और प्रारंभिक अध्ययन
मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित विस्तार की रूपरेखा विशेषज्ञों द्वारा किए गए सर्वेक्षण और अध्ययन के आधार पर तैयार की गई है। इसका उद्देश्य भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शहर में बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करना है।