विषय: डिजिटल अरेस्ट—फोन में छिपा अदृश्य जेलर
"नमस्कार, आप देख रहे हैं इंडियन प्रेस यूनियन। मैं भरत कुमार
कल्पना कीजिए, आप अपने घर के सुरक्षित माहौल में बैठे हैं और अचानक आपके फोन पर एक वीडियो कॉल आता है। सामने पुलिस की वर्दी में एक शख्स है, जो दावा करता है कि आपका आधार कार्ड किसी बड़ी गैर-कानूनी गतिविधि में शामिल है। वह आपको डराता है और कहता है कि आप 'डिजिटल अरेस्ट' हैं। आप डर के मारे घंटों कैमरे के सामने हाथ बांधकर बैठे रहते हैं और अपनी सारी जमापूंजी उन्हें सौंप देते हैं।
यह किसी थ्रिलर फिल्म का सीन नहीं, बल्कि साल 2026 की सबसे बड़ी डिजिटल ठगी की हकीकत है। आज इंडियन प्रेस यूनियन की इस विशेष रिपोर्ट में हम उस 'अदृश्य जेलर' का पर्दाफाश करेंगे, जो आपके ही फोन के जरिए आपके घर में घुस आया है।"
"यह डर का एक नया और खौफनाक कारोबार है। अपराधी अब हथियारों का नहीं, बल्कि मनोविज्ञान (Psychology) का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे सीबीआई, नारकोटिक्स या पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को इस कदर मानसिक रूप से तोड़ देते हैं कि वे अपनी तर्कशक्ति खो बैठते हैं।
हैरानी की बात यह है कि अब इस खेल में AI और डीपफेक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। अपराधी बड़े अधिकारियों का चेहरा और आवाज़ इतनी सफाई से कॉपी कर रहे हैं कि एक आम आदमी के लिए असली और नकली का फर्क करना नामुमकिन हो गया है। तकनीक के इस गलत इस्तेमाल ने ठगों को आपके बेडरूम तक पहुँच दे दी है।"
"एक रिपोर्टर के नाते, आज इंडियन प्रेस यूनियन के मंच से मैं आपको सबसे बड़ी कानूनी सच्चाई बताना चाहता हूँ। भारतीय कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' जैसा कोई प्रावधान ही नहीं है। जी हाँ, कोई भी पुलिस अधिकारी या जांच एजेंसी वीडियो कॉल पर आपको गिरफ्तार नहीं कर सकती। गिरफ्तारी के लिए पुलिस को आपके पास व्यक्तिगत रूप से आना होता है और कानूनी वारंट दिखाना होता है। वीडियो कॉल पर कैमरे के सामने बैठे रहने का कोई कानूनी आधार नहीं है।"
"हाल ही में कई रिटायर्ड बुजुर्गों और वर्किंग प्रोफेशनल्स ने इस खौफ के चलते अपनी जिंदगी भर की कमाई गंवाई है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि बचाव का सिर्फ एक ही रास्ता है—घबराएं नहीं। जैसे ही कोई आपको फोन पर डराए, तुरंत कॉल काटें और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचित करें।"
"याद रखिये, जागरूकता ही इस अदृश्य जेलर से बचने की इकलौती चाबी है। अपराधी अब गलियों में नहीं, आपके गैजेट्स के ज़रिए आपके दिमाग में घुस रहे हैं। सावधान रहें, सतर्क रहें।